तुझसे बिछड़कर अंधेरो में कही खो जाऊगा, तेरी यादों में बेचैनी से मर जाऊगा।
पर मै इतनी आसानी से तो हार नहीं मानने वाला, तू घुटने टेकेगा तभी घर जाऊगा।।
मैं अनकहा अनसुना सा किस्सा हूं, अगर तू कौशिश करेगा तो आसानी से सुलझ जाऊगा।
और मैं अगर कल कुछ बना तो भी, तुझे छोड़कर कभी नहीं जाऊगा।।
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