बुधवार, 12 जुलाई 2017

ना मिलता है ना बात करता है...

ना तो वो मिलते है ना ही बात करते है, पर कल कोई कह रहा था केशव वो तुम्हे याद बहुत करता है।
मौहोब्बत तो मुझे भी खूब है उनसे, पर दिल टूटता है जब वो नज़र अंदाज करता है।
डर सताता है कि वो मेरी मौहोब्बत का तमाशा बना देगा, समझ नहीं पा रहा उसे भी मौहोब्बत है या बस टाईम पास करता है।

ठान लिया है मरते दम तक उसी को चाहुगा, कल एक मौलाना कह रहे थे इस कलयुगी दुनिया में कौन किसको याद करता है।


शनिवार, 8 जुलाई 2017

कितना प्यार है बता दे मुझको


सदीयो  से खोया हूं तेरी तेरी यादों में, किसी रोज आकर नीद से जगा दे मुझको।
एक घर में किसी किमती समान की तरह पड़ा हूं, दवे पैर आकार चुरा ले मुझको।
जिंदगी जिंदगी लगे कुछ ऐसा करिशमा कर, हकीक़त में ना सही सपने में ही गले से लगा ले मुझको।
और खुदा ऐसा कर वो मेरे बिना एक पल ना जी पाए, उसकी सांसों में ही बसा दे मुझको। 


गुरुवार, 6 जुलाई 2017

सब बदल गया...


उसका स्वभाव उसका दिमाग सब बदल गया, पहले तो वो ऐसा नहीं था अब तो उसका अंदाज बदल गया।
जब मिला था बहुत मासूम था वो, आज तो उसका पुरा लिबास ही बदल गया।
मैं फिजूल में सोचता था कोई दिल ना तोड़ दे उसका, मुलाकात के बाद तो ये सवाल ही बदल गया।
बड़ी नाजुक थी उसके हाथों की रेखा, अब उसकी किस्मत के साथ-साथ उसकी हाथों की लकीरों का जाल ही बदल गया।
मैं खामखा सोचता था वो मुझसे बिछड़कर पागल हो जाएगा, जब उससे नजरें मिली तो मेरा विचार बदल गया।

और मैं कैसे भरोसा करु उस शख्स पर, जो मुझे मंजिल पर छोड़कर अपना रस्ता बदल गया।।

शुक्रवार, 23 जून 2017

लौट आ...



कभी वो भी मुझसे बेपनाह प्यार करता था, जिससे आज मैं करता हूं।
कभी वो भी मेरे लिए खूब पड़पता था, जिसके लिए आज मैं पड़पता हूं।
मैं अक्सर उसको छोड़ के जाने की धमकीयां दिया करता था, उसी का इंतजार करता हूं।
और जिसको रात भर जगाकर बेचैनी से सो जाया करता था, आज उसको ख्वाब में याद करता हूं।
मिला था तो कदर ना की कभी उसकी, आज उसी को मंदिर मस्जिद गिरजाघर में तलाश करता हूं।
और जिसका कभी फोन उठाना भी जरुरी नहीं समझा, ना जाने आज दिन में उसे कितनी दफा फोन करता हूं।
याद है उसके रोने पर मैं हस दिया करता था, आज उसी के लिए अपने आंसू निलाम करता हूं।
उसने तो सारी हदे तोड़ दी थी वफ़ा की, मैं पागल जो उसे अब भी उसे बेवफा समझता हूं।

वो साथ था तो लगता था दुनिया साथ है मेरे, जब से गया है भरी भीड़ से खुद को अकेला करता हूं।।
और संभव हो तो लौट आओ, मैं अपनी गलतियां मानकर खुद को तेरे नाम करता हूं।

गुरुवार, 22 जून 2017

मैं उम्रभर उसका इंतजार देखता रहा...

जिसने कभी मेरा हाथ नहीं थामा, मैं उसकी राह देखता रहा ।
जिसने मेरे बारे में एक पल ना सोचा, मैं उम्रभर उसके बारे में सोचता रहा।
कहा पता था वो मुझसे इस कदर पेश आएगा, जिसका चेहरा बंद आंखो से देखता रहा।
मौहोब्बत करने के बाद लोग कहता है मैं वो ना रहा, ये जानने के लिए मैं कल पुरी रात आईना देखता रहा।
और वो मेरी किस्मत में ही नहीं था, मैं अपने हाथो की लकीरों उसका नाम देखता रहा।
समझ नहीं आया पागल कौन था, मैं जो उसे देखता रहा या वो जो दुनिया देखता रहा।

शुक्रवार, 16 जून 2017

जाल में आ जाऊंगा मैं...

तेरी जुल्फों के जाल में आ जाऊंगा मैं, तेरी बनाई इस चाल में जाऊंगा मैं।
तुझसे बिछड़ जीना मुश्किल था, पर नहीं पता था इस हाल में जाऊंगा मैं।
तुम्हारे साथ खुश रहन था, नहीं पता की तुमसे मौहोब्बत करके खुद को तन्हा हो जाऊंगा मैं।
तुम्हारे साथ रहकर मशहूर होना था, नहीं पता था जुदा होकर गुमनाम हो जाऊंगा मैं।
तुम पास थी तो हर जवाब था मेरे पास, नहीं पता था तुमसे दूर होने पर पहेली जाऊंगा मैं।
नहीं पता उम्र से बड़ी लड़की से मौहोब्बत करने की ये सजा मिलेगी,  कि हर पल हर सांस पछताऊगा मैं।।


रविवार, 11 जून 2017

वो अक्सर कहा करती थी...

वो कहती थी कि औरत जात है वफ़ा की... और ये लड़के होते हैं ना ये सब बेवफ़ा होते है... देखो तुम ये रसम तोड़ देना... मुझसे इतनी मौहोब्बत करना की सारी हदें तोड़ देना.. मुझे कभी छोड़ कर मत जाना मेरा दिल तोड़ कर मत जाना... वो अक्सर कहा करती थी कि मैं बहुत खुश हूं तुम्हारें साथ...देखो मैं ना तुम्हें किसी भी हालत में खोना नहीं चाहती... तुम्हारी यादों में रोना नहीं चाहती....  देखो मैं तुमसे बेहत प्यार करती हूं... मैं तुम्हारे बिना रह नहीं सकती तुम्हारे जाने का दर्द सह नहीं सकती... जाना अगर तुम मुझे नहीं मिलते तो क्या होता मेरा... तुम्हारे बिना तो मैं तन्हाइयों में कही खो जाती... तुम ना मिलते तो गहरी नींद सो जाती... देखो तुम ना कभी मुझसे नाराज ना होना... क्योकी मैं तुमको कभी उदास नहीं देख सकती.... तुम ना हर वक्त हंसते रहा करो.... जब तुम्हें हंसते हुए देखती हूं ना तो अपने सारे गम भूल जाती हूं... और हां जो ये तुम्हारें दोस्त है ना ये मुझे बिल्कुल अच्छे नहीं लगते तुम ना इनका साथ भी छोड़ दो.. जब ये तुम्हारे साथ नहीं होंगे तो तुम सिगरेट पीना भी छोड़ दोगे... वो अक्सर कहती थी कि कुछ ही दिनों की बात है बस फिर मेरा कॉलेज भी खत्म हो जाएगा... और ऑफिस में तुम्हारी भी प्रमोशन हो जाएगी फिर हम दोनों को फिर कोई अलग नहीं कर पाएगा... आज समझ आ रहा है वो सच ही कहती थी.. बस कुछ ही दिनो की बात थी.... बस कुछ ही दिन वो मेरे साथ थी.... जो कहती थी मुझे कभी मत छोड़कर जाना वोही मुझे छोड़ जाएगी... कभी सोचा नहीं था जो मुझे, मेरी आदाते, मेरे दोस्त बदलना चाहती थी वो एक दिन खुद इस कदर बदल जाएगी.... जो कहती थी कि मैं एक पल तुम्हें अपनी आंखो से दूर नहीं देख सकती वोही एक दिन सामने आने पर नज़रे चुराएगी.... सच मैं नहीं पता था मुझे जो मेरी इतनी परवाह करती थी वो एक दिन मुझे इस कदर रुलाएगी.... सच मैं नहीं पता था मुझे मौहोब्बत की बातें करने वाली ही मौहोब्बत का मजाक बनाएगी.... सच मैं नहीं पता था मुझे... नहीं पता था मुझे।।।

अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय प्रेम कथा

#पार्ट_1 नोट- ये कहानी काल्पनिक हो सकती है इसको अन्यथा न ले बस रोमांच के लिए इसको पढ़े तो बेहतर होगा।। प्यार, मोहोब्बत, इश्क़, वफ़ा ये वो शब्द ...