सोमवार, 30 जनवरी 2017

तुम्हारे बिन...

तुम्हारा उम्र में बड़े होने का क्या फायदा, सब कुछ तो आधा-आधुरा समझती हो तुम!
अल्फाज तो झट से समझ लेती हो मेरे, मगर जज्बात क्यों नहीं समझती तुम!
और मेरे ना होने के बाद अहसास होगा तुम्हें, जब खुद को तन्हा देखोगी तुम!
कहा मानो छोड़ दो ये बेकार की जिद और मान जाओ, सच तो ये है मेरा कोई नहीं तुम्हारे बिन ! 

मंगलवार, 24 जनवरी 2017

तुम, तुम्हारी यादे, और मैं

कितनी मुश्किल से उसने मुझको भुलाया होगा, मेरी यादों ने उसको ना जाने कितना सताया होगा!
बातों ही बातों में जो उसकी आंखे छलकी होंगी, उसने चहरे को बाजुओ में छुपाया होगा!
सोचा होगा उसने दिन में कई बार मुझे, मेरा नाम हाथो पर लिख-लिख के मिटाया होगा!
और जहां भी उसने मेरा जिक्र सुना होगा, उसकी आंखो में आँसुओं का सैलाब आया होगा !
रात के गुजर जाने तक निंद ना आई होगी, उसने भी तकीए को सीने से लगाया होगा!

हुई होगी वो भी मेरी यादों में पागल, जब आधी रात के चांद ने उसको रुलाया होगा !

गुरुवार, 19 जनवरी 2017

काश कि ऐसा हो जाए...

काश के हम तुझसे नज़र चुराने लग जाए, और तुझको मुझे मनाने में जमाने लग जाए!
अब तो बस इतनी तमन्ना है कि मरते दम तक तुझको ही याद करे, और फिर उसके बाद ठिकाने लग जाए!
और सौ बरस बाद भी जो तुम आने का वादा करदो, कसम से हम आज ही से घर सजाने लग जाए!

शुक्रवार, 23 दिसंबर 2016

तुम मेरी आखरी मोहब्बत हो...

तुम हकीकत नहीं हो, तुम मेरी हसरत हो!
जो मुझे सपने में मिली है, तुम वो दौलत हो!
और यू ना देखा करो आईने में खुद को, क्योकि तुम खुद से भी खूबसूरत हो
और खत्म करों दास्तान मेरे खत्म होने से पहले, तुम ही मेरी आखरी मोहब्बत हो

शनिवार, 10 दिसंबर 2016

वक्त मिले तो...

वक्त मिले तो वक्त देना मुझे, फिर वक्त से मांग लेना मुझे !
मेरी क्या मैं तो चाबी वाला खिलौना हूं
तुम्हारेे हाथो में भी खूब नाचुगा, जी भर के नचा लेना मुझे !
और दुसरो का सहारा लेना छोड़ दो तुम
तुम्हे हर रस्ते पर संभाल लुंगा, बस अपने पिछे चला लो मुझे !


शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016

चाबी वाला खिलौना हूं मैं

लोगों की मानो तो बहुत काम का हूं मैं
मगर मेरी मानो तो सिर्फ उन्हीं के काम का हूं मैं
मेरी क्या मैं तो एक छोटा सा परींदा हूं
मगर हर किसी के लिए महंगी दारु के जाम सा हूं मैं
सोचता हूं कि किमत अदा कर दूं जिंदगी की और खत्म कर दू खेल 
मगर ये भी तो मुमकिन नहीं क्योंकी बेदाम है जिंदगी और बेदाम हूं मैं
हर किसी के लिए चाबी वाला खिलौना हूं, जो चाहे जैसे नचा लो
पर अपनी पर आया तो दुनिया को उंंगलीयों पर नचा लुंगा मैं

गुरुवार, 8 दिसंबर 2016

नई उड़ान...

फ्रक की बात है ये जो करिश्मा कर दिया तुने !
जो काम था नामुमकिन वो  मुमकिन कर दिया तुने !!
पहले तो तेरा नाम राजिस्थान ेसे लेकर  मुंबई तक फैमस था 
खुदा की देन है ये, जो देशभर में नाम पैदा कर दिया तुने

अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय प्रेम कथा

#पार्ट_1 नोट- ये कहानी काल्पनिक हो सकती है इसको अन्यथा न ले बस रोमांच के लिए इसको पढ़े तो बेहतर होगा।। प्यार, मोहोब्बत, इश्क़, वफ़ा ये वो शब्द ...